1
श्रद्धा मर्डर केस: …गवाही दर्ज कराने की अभियोजन पक्ष की मांग फिलहाल खारिज
2
मृतक तलाकशुदा पत्नी के कानूनी प्रतिनिधि तलाक के फैसले के तहत दी गई राशि प्राप्त करने के हकदार हैं: इलाहाबाद उच्च न्यायालय
3
कोर्ट ने माना कि यदि मध्यस्थता पंचाट में सुधार के लिए आवेदन दिया जाता है, तो उसे चुनौती देने की समय-सीमा धारा 33 के निपटारे की तिथि से गिनी जाएगी: सुप्रीम कोर्ट
4
एक ही घटना या हालात के आधार पर सिविल और क्रिमिनल दोनों तरह की कार्रवाई की जा सकती है: सुप्रीम कोर्ट
5
… सिर्फ़ पंच गवाह के मुकर जाने से अभियोजन पक्ष का केस कमज़ोर नहीं होगा: सुप्रीम कोर्ट
श्रद्धा मर्डर केस: …गवाही दर्ज कराने की अभियोजन पक्ष की मांग फिलहाल खारिज
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मृतक तलाकशुदा पत्नी के कानूनी प्रतिनिधि तलाक के फैसले के तहत दी गई राशि प्राप्त करने के हकदार हैं: इलाहाबाद उच्च न्यायालय
3
कोर्ट ने माना कि यदि मध्यस्थता पंचाट में सुधार के लिए आवेदन दिया जाता है, तो उसे चुनौती देने की समय-सीमा धारा 33 के निपटारे की तिथि से गिनी जाएगी: सुप्रीम कोर्ट
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एक ही घटना या हालात के आधार पर सिविल और क्रिमिनल दोनों तरह की कार्रवाई की जा सकती है: सुप्रीम कोर्ट
5
… सिर्फ़ पंच गवाह के मुकर जाने से अभियोजन पक्ष का केस कमज़ोर नहीं होगा: सुप्रीम कोर्ट



